29 July 2026 Daily Current Affairs | One-Liner GK | हिन्दी संसामयिकी
EGeneralStudies.in द्वारा Current Affairs in Hindi सभी प्रतियोगी परीक्षाओं के अत्यंत उपयोगी होंगे क्योंकि उत्तर भारत की राज्य परीक्षाएं एवं राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली हर परीक्षा हिंदी में भी होती है। इन सभी परीक्षाओं के लिए Daily Current Affairs in Hindi, Today Current Affairs in Hindi, Current Affairs in Hindi 2026 एवं दैनिक हिन्दी करेंट अफेयर्स EGeneralStudies.in करंट अफेयर्स एक्सपर्ट टीम प्रकाशित करती है।
29 July 2026 Daily Current Affairs | One-Liner GK | हिन्दी संसामयिकी

केंद्र सरकार ने ‘एक अधिकारी, एक सरकारी कार’ नीति को लागू किया।
- ‘एक अधिकारी, एक सरकारी कार’ नीति
- केंद्र सरकार ने 28-29 जुलाई 2026 को ‘एक अधिकारी, एक सरकारी कार’ नीति लागू की।
- वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को इसका तत्काल पालन करने का निर्देश दिया।
- जिस अधिकारी को एक सरकारी स्टाफ कार की पात्रता है, उसे अतिरिक्त प्रभार मिलने पर दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं दी जाएगी।
- केंद्रीय अधिकारी सामान्यतः PSU, स्वायत्त निकाय या अर्ध-सरकारी संस्थानों की गाड़ियों का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
- सरकारी/PSU वाहनों के उपयोग की अनुमति आधिकारिक दौरे या सरकारी ड्यूटी के दौरान ही होगी।
- मंत्रालयों और विभागों को खाली या अनुपयोगी सरकारी वाहनों को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है।
- इस कदम का उद्देश्य सरकारी वाहनों के दुरुपयोग को रोकना और वाहनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
- यह निर्देश 1 सितंबर 2022 को जारी स्टाफ कार संबंधी नियमों को और मजबूत करता है।
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री कर्मी (Seafarer) प्रदाता बन गया।
- भारत 28 जुलाई 2026 को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री कर्मी (Seafarer) प्रदाता बन गया।
- वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारत के 3,11,936 समुद्री पेशेवर हैं, जो दुनिया के कुल कार्यबल का 12.16% है।
- भारत से 1,40,718 शिप ऑफिसर और 1,71,218 रेटिंग्स वैश्विक समुद्री क्षेत्र में कार्यरत हैं।
- 2015 में वैश्विक समुद्री कार्यबल में भारत की हिस्सेदारी 5.2% थी, जो 2026 में बढ़कर 12.16% हो गई।
- सरकार का ‘Mission 20%’ भारत की वैश्विक समुद्री कार्यबल हिस्सेदारी को 20% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखता है।
- भारतीय समुद्री कर्मियों की संख्या 2010 में 62,267 से बढ़कर 2025 में 3,23,429 हो गई।
- समुद्री क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है—2021 में करीब 1,600 से बढ़कर 2025 में 7,000+ हो गई।
- BIMCO-ICS Seafarer Workforce Report 2026 के अनुसार, भारत इस मामले में फिलीपींस के बाद दूसरे स्थान पर है।
महाराष्ट्र सरकार ने NDPS और SC-ST अत्याचार अधिनियम के तहत नई विशेष अदालतें बनाने को दी मंजूरी
- महाराष्ट्र कैबिनेट ने 28 जुलाई 2026 को NDPS और SC-ST अत्याचार अधिनियम के तहत नई विशेष अदालतें बनाने को मंजूरी दी है।
- पुणे में NDPS Act के मामलों के लिए विशेष अदालत बनेगी। यहां करीब 1,425 मामले लंबित थे।
- इस अदालत के लिए ₹1.26 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
- SC-ST Act के मामलों के लिए 5 विशेष अदालतें अहिल्यानगर, परभणी, सोलापुर, नांदेड और यवतमाल में बनाई जाएंगी।
- इन 5 अदालतों के लिए ₹4.51 करोड़ मंजूर किए गए हैं।
- महाराष्ट्र में SC-ST Act के तहत 17,023 मामले लंबित हैं।
- इसके अलावा करजत में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायालय और कुर्डुवाड़ी में सिविल कोर्ट व JMFC कोर्ट को भी मंजूरी दी है।
कोल्हापुर में मिली एक नई फफूंद प्रजाति Microporellus kolhapurensis
- महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले में फंगस की एक नई प्रजाति माइक्रोपोरेलस कोल्हापुरेंसिस (Microporellus kolhapurensis) खोजी गई।
- यह प्रजाति भूदरगढ़ तालुका के बेदिव क्षेत्र में सड़ी हुई लकड़ी पर पाई गई है।
- यह पॉलीपोर/ब्रैकेट फंगस समूह से संबंधित है, जो आमतौर पर लकड़ी पर उगते हैं।
- इसकी पहचान राजाराम कॉलेज की वनस्पति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अंजलि पाटिल और शोधार्थी योगेश पाटिल ने की है।
- यह सैप्रोट्रॉफिक फंगस है, जो मृत जैविक पदार्थों को तोड़कर पोषक तत्वों के पुनर्चक्रण में मदद करता है।
- इसका फलन शरीर पीले-नारंगी से भूरे-धूसर रंग का छतरीनुमा होता है और इसमें बड़े छिद्र व विशेष आकार के बीजाणु पाए जाते हैं।
- इस खोज का शोध Botanical Survey of India की पत्रिका ‘Nelumbo’ में प्रकाशित हुआ है।
- माइक्रोपोरेलस वंश की दुनिया में करीब 36 मान्य प्रजातियां हैं और महाराष्ट्र में पहले केवल माइक्रोपोरेलस ओबोवाटस (Microporellus obovatus) दर्ज की गई थी।
केंद्र सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रस्ताव को मंजूरी देते हुए ₹10 और ₹20 के पॉलिमर बैंकनोट जारी करेगा।
- केंद्र सरकार ने RBI द्वारा ₹10 और ₹20 के पॉलिमर बैंकनोट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
- सरकार फिलहाल ₹10 और ₹20 के पॉलिमर बैंकनोट का फील्ड ट्रायल किया जाएगा।
- पॉलिमर नोट कागज़ से अलग होते हैं। इन्हें कागज़ की लुगदी की जगह प्लास्टिक-आधारित विशेष सामग्री पर तैयार किया जाता है।
- इनकी सबसे बड़ी खासियत मजबूती है। पॉलिमर नोट नमी, गंदगी और फटने जैसे नुकसान को कागज़ी नोटों की तुलना में बेहतर तरीके से झेल सकते हैं।
- ₹10 और ₹20 के नोटों का चुनाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि इनका इस्तेमाल रोजमर्रा के छोटे भुगतान, बाजार और सार्वजनिक परिवहन में बड़े पैमाने पर होता है।
- फील्ड ट्रायल सफल होने के बाद ही इन नोटों को नियमित रूप से जारी किया जाएगा। यानी अभी इन्हें पूरे देश में जारी नहीं किया जा रहा है।
- कागज़ी नोट बंद नहीं होंगे। नए पॉलिमर नोट मौजूदा कागज़ी नोटों के साथ-साथ चलेंगे।
- कानूनी प्रक्रिया के तहत मंजूरी: यह प्रस्ताव RBI Act, 1934 की धारा 25 के तहत रखा गया, जो बैंकनोटों के रूप और डिजाइन से संबंधित है।
Read More
Click the Button below to read Next and Previous posts